
🇮🇳 शहीद के नाम 🇮🇳
कवि कलम से एहसास लिखता है,
परमात्मा जीवन का हर विश्वास लिखता है।
इंसान तो सिर्फ़ कहानी लिखता है,
पर परमात्मा हर कहानी का अंजाम लिखता है।
लिखने वाला काग़ज़ पर आग उतारता है,
हर शब्द से ज़ुल्म को ललकारता है।
सोच की ज़ंजीरें तोड़कर लिखता है,
पर इतिहास क्रांति का हिसाब माँगता है।
लिखने वाला काग़ज़ पर जज़्बात लिखता है,
परमात्मा हर शहीद की कुर्बानी इतिहास में लिखता है।
शहीद भगत सिंह लाहौर की जेल में,
माँ को आख़िरी ख़त, अपने अरमान लिखता है।
नेताजी ने आज़ादी की अलख जगाई,
“तुम मुझे खून दो” बनी अमर सच्चाई।
आज़ाद हिंद फ़ौज से सपना साकार हुआ,
भारत माँ के लिए जिसने सब कुछ सौंप दिया।
चंद्रशेखर आज़ाद थे आज़ादी का अभिमान,
मरते दम तक न झुके, न बदला अपना नाम।
अल्फ्रेड पार्क में गोली को गले लगाया,
पर दुश्मन के हाथ कभी खुद को न थमाया।
26 जनवरी हमें यह याद दिलाए,
संविधान, कर्तव्य और बलिदान समझाए।
जब तक इस तन में प्राण रहेंगे,
भारत माँ के लिए ही लिखेंगे, जिएँगे, मरेंगे |
Jan 24
Jan 24, 2026 at 10:20 AM UTC