#societyandmenchange
इज़्ज़त की बात वो न करें जिन्हे शर्म का ही अता पता नहीं..
धर्म की बात वो न करें जिन्हे कर्म का ही अता पता नहीं..
इंसाफ तो 'उनका' तब होगा जब 'हम में' बदलाव होगा
ज़ख्म की बात उनसे क्या करें जिन्हे मरहम का ही अता पता नहीं |
Apr 24, 2018
Apr 24, 2018 at 6:57 AM UTC