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#poetsandwriters
थोड़ी अलग सी हैं मेरी कहानी, कुछ सुनाई हैं तुम्हें, कुछ बाकी हैं सुनानी। माना इसका कोई अन्त नहीं फिर भी मुकम्मल हैं मेरी कहानी, जो जी रहीं हूँ वो मेरी हैं, और जो भूला दी वो थीं अंजानी। ना कोई मकसद हैं इसका ना कोई सीख हैं मेरी कहानी, बस इतना जानती हूँ के कभी बेपरवाह, तों कभी हैं ये रूहानी।
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Jul 9, 2020
Jul 9, 2020 at 3:33 PM UTC
अलग कहानी मेरी
ऐ आने वाले पल कोई तो अच्छी खबर लेकर आ। बहुत देख लिए दुख सबने, अब तो थोड़ी खुशी देकर जा। कब तक मैं आँसु बहाऊंगा, कब तक इस दर्द को छुपाऊंगा। एक बार तों मुझ पर रहम तू खा, या छोड़ तनहा या जिन्दगी से मिलवा।
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Jul 5, 2020
Jul 5, 2020 at 2:44 AM UTC
ऐ आने वाले पल
याद भी बाकी नहीं, उस बीते वक्त की जो हमने साथ गुजारे थें। पर ज़ेहन में आज भी वो पल जिन्दा हैं, जब तुम हमसे तो जीते, पर हमको हारें थें। अफसोस नहीं जाने का तुम्हारे, क्योंकि तुम ना हमारे थें। गम तों उन बीते लम्हातों का हैं, जो हमने तुम्हारे साथ गुजारे थें।
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Jun 28, 2020
Jun 28, 2020 at 2:29 PM UTC
याद भी बाकी नहीं