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#mera
Tu meri jindagi, tu mera khvaab hain Tuje yad karate, mere ye jajbat hain Mujhe yad tere, yu to har alfaj hain Par tu agar pas ** to lage meri sanse mere pas hain
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Aug 10, 2014
Aug 10, 2014 at 3:55 PM UTC
**Kash tu pas **
-: कहानी बने ?? :- हम भी मजबूर है, तुम भी  मजबूर हो !! हम बहुत दूर है तुम बहुत दुर हो !! फ़िर मोह्ब्बत कि कैसे कहानी बने ?? मैं तड़पता रहु, तुम तड़पती रहे हम दिवानों कि ऐसी कहानी बने !! मेरी यादों मे तुम युं न आया करो मै कहीँ ?? पर रहूँ मन कहीँ पर रहे ॥ तेरे बिन मेरी हालत है कुछ ईस कदर मीन जो रेत पर जल बिना हि रहे  !! मेरी ख्वाबों मे दस्तक दिया आपने कि लगा लखों परीयाँ, मुझे मिल गई ॥ निंद से जब जगा बस अंधेरा ही था तब लगा निंद मुझको था कितना हंसी ॥ निंद से जब जगा बस अंधेरा ही था फ़िर मोह्ब्बत कि कैसे कहनी बने ?? फिर से मैं सो गया, ख्वाब देखुं तेरी ख्वाब मे हीँ मुझे गुद गुदी हो गई !! तेरी यादो में मैं कुछ यूँ खोया रहूं !! मेरा मन है कहीं तन कहिं पर रहें ?? मै तड़पता रहूँ तुम तड़पती रहो हम दिवानों कि ऐसी कहानी बनें ॥ मै तड़पता रहूँ तुम तड़पती रहो हम दिवानों कि ऐसी कहानी बनें ॥ हम भी मजबूर है, तुम भी  मजबूर हो !! हम बहुत दूर है तुम बहुत दुर हो !! फ़िर मोह्ब्बत कि कैसे कहानी बने ?? - सूरज कुमार सिँह दिनांक :- 16 / 10 / 2014
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Nov 21, 2015
Nov 21, 2015 at 2:29 AM UTC
mera man by suraj kumar singh
-: कहानी बने ?? :- हम भी मजबूर है, तुम भी  मजबूर हो !! हम बहुत दूर है तुम बहुत दुर हो !! फ़िर मोह्ब्बत कि कैसे कहानी बने ?? मैं तड़पता रहु, तुम तड़पती रहे हम दिवानों कि ऐसी कहानी बने !! मेरी यादों मे तुम युं न आया करो मै कहीँ ?? पर रहूँ मन कहीँ पर रहे ॥ तेरे बिन मेरी हालत है कुछ ईस कदर मीन जो रेत पर जल बिना हि रहे  !! मेरी ख्वाबों मे दस्तक दिया आपने कि लगा लखों परीयाँ, मुझे मिल गई ॥ निंद से जब जगा बस अंधेरा ही था तब लगा निंद मुझको था कितना हंसी ॥ निंद से जब जगा बस अंधेरा ही था फ़िर मोह्ब्बत कि कैसे कहनी बने ?? फिर से मैं सो गया, ख्वाब देखुं तेरी ख्वाब मे हीँ मुझे गुद गुदी हो गई !! तेरी यादो में मैं कुछ यूँ खोया रहूं !! मेरा मन है कहीं तन कहिं पर रहें ?? मै तड़पता रहूँ तुम तड़पती रहो हम दिवानों कि ऐसी कहानी बनें ॥ मै तड़पता रहूँ तुम तड़पती रहो हम दिवानों कि ऐसी कहानी बनें ॥ हम भी मजबूर है, तुम भी  मजबूर हो !! हम बहुत दूर है तुम बहुत दुर हो !! फ़िर मोह्ब्बत कि कैसे कहानी बने ?? - सूरज कुमार सिँह दिनांक :- 16 / 10 / 2014
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Verses: We encounter many people in our life, Some are ours whilst others are not. Sometimes even relatives seem strangers, And sometimes even strangers seem own. Such relationships are truly strange, Close to the hearts they seem sweet. They seem ages old in spite of being new, For such love & sweet strangers is this song. Song: Hmmm... Hmmm.. Hmmm. This is my story, And your story, How do I testify? Words are yours, Songs are mine, What is the saga? Yours... Mine... Relation is antique... Yours... Mine... Relation is ages old... Oh yours... Mine... Relation is antique... Poems are mine, Inspiration are you, Still such distances... From the depths of heart, And from these clouds, The calls are emanating... Yours... Mine... Relation is antique... Yours... Mine... Relation is ages old... ** Laaaa... La la la... Ending line: Yea - that's it!
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Feb 3, 2017
Feb 3, 2017 at 9:37 PM UTC
Life Song