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#hindishayari
Kisi ko tutate dekha Akele mai Rona sikha 🥹 Kisi ko bhikarte huve dekha  Isi beech hamne umeed chhodna sikha  🥺 Hame to ful pasand  tha par 🌷 Murshad hamne bhi katon par chalna sikha 🥀.
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Apr 3, 2025
Apr 3, 2025 at 12:01 PM UTC
Umeed ka Zakhm
डर है,   हाँ है,   डर तुझे खोने का,   तेरा मेरे पास न होने का,   तेरे लिए होकर भी न होने का,   या फिर शायद तेरा किसी और का हो जाने का।   कैसे भूलूं तेरे साथ बिताए हुए सारे पल,   कैसे संभालूं खुद को जब तू नहीं होगा मेरे पास कल,   अपना होकर भी अपना नहीं तू,   बस इसी बात से खफ़ा हूँ।   इतना भी क्या ज़रूरी है तेरा जाना?   नहीं हूँ तेरे लायक, चल ये भी माना,   पर क्या इतना आसान है तेरे लिए मुझे खोना,   आसान है सब कुछ ख़त्म कर भूल जाना?   ना जाने कैसा खेल खेल रही है ज़िंदगी,   हर चीज़ पर रुला रही ये मुझे,   सब कुछ सही हो जाएगा,   बस एक बार कह दे,   कि तू कहीं नहीं जाएगा!
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Mar 23, 2025
Mar 23, 2025 at 11:36 PM UTC
Dar tujhe khone ka
जानेमन हुस्न बहार तब होगा जब आपकी महफ़िल मैं हम होंगे फ़रमायींशे तो आएगी ज़रूर लोगों से पर वो सारे अल्फ़ाज़ मेरे लिए होंगे
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Aug 14, 2020
Aug 14, 2020 at 10:40 AM UTC
अल्फ़ाज़
आज भी हुबहू याद हैं वो पल, जब पहली बार एक दूसरे से वादा किया था,कि मिलेंगे ज़रूर कल; कितने हसीन थे वो दिन, आज वो ही यादें बन के सिमट गए,तुम्हारे बिन। नजाने कितने किये थे वादे,सब निभा भी नहीं पाये, अब शायद चलेंगे वो भी हमारे साथ कफ़न में, उनको भी धकेल दिया उस हसीन यादों के सफ़र में । जब-जब भी रहें साथ,रंगीन बनाया हर एक लम्हा उन लम्हों को देख बेरंग हो जाया करता था ये सारा सम्हा । अब वजूद नहीं रहा उन लम्हों का, वो लम्हें भी हिस्सा हैं उन्हीं यादों के समूह का। नहीं सताते अब वो पल जो साथ बिताए थे, बल्कि गम हैं उन वादों का जो अधूरे छोर आये थे, क्योंकि वो सारे वादे भी उन्हीं हसीन यादों नें ही करवायें थे। -Yash Vardhan (गुमनाम गालिब)
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Apr 11, 2020
Apr 11, 2020 at 10:44 AM UTC
यादें...
आज भी हुबहू याद हैं वो पल, जब पहली बार एक दूसरे से वादा किया था,कि मिलेंगे ज़रूर कल; कितने हसीन थे वो दिन, आज वो ही यादें बन के सिमट गए,तुम्हारे बिन। नजाने कितने किये थे वादे,सब निभा भी नहीं पाये, अब शायद चलेंगे वो भी हमारे साथ कफ़न में, उनको भी धकेल दिया उस हसीन यादों के सफ़र में । जब-जब भी रहें साथ,रंगीन बनाया हर एक लम्हा उन लम्हों को देख बेरंग हो जाया करता था ये सारा सम्हा । अब वजूद नहीं रहा उन लम्हों का, वो लम्हें भी हिस्सा हैं उन्हीं यादों के समूह का। नहीं सताते अब वो पल जो साथ बिताए थे, बल्कि गम हैं उन वादों का जो अधूरे छोर आये थे, क्योंकि वो सारे वादे भी उन्हीं हसीन यादों नें ही करवायें थे। -Yash Vardhan (गुमनाम गालिब)
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Kyu? Jab karte ** itni mohabbat hamse, To phir tum chipate hi kyu ** Jab tum mere bin ek pal bhi na reh pate ** To phir mujhse dur jate hi kyu ** Jab tumhara dil mujhe pana chahta hai, To tum use satate hi kyu ** Jab najare churani hi hai tumhe mujhse, To phir mere samne aate hi kyu ** Tum kehte the na ki mai tumhari nahi ** sakti, Jab mai tumhari ** hi nhi sakti, To phir mujhe tum itna yad aate hi kyu ** ~your smiling queen :)
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Aug 11, 2019
Aug 11, 2019 at 11:05 AM UTC
Hindi poetry #1