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Sagar Sep 26
ऐसा भी नहीं की कोई नया इश्क़ हुआ है..
न ही मिली किसी हुस्नवाली से muuaaah है..
न ही याद आया की ज़िन्दगी तो एक जुवा है..
बस एक आरसे के बाद आज दारु को छुआ है..
Sagar May 19
बेवजह मुस्कुरा रहे हो सागर, कुछ तो वजह है..
क्या बताए मियाँ? ये इश्क, ताजा़ ताज़ा है..
अब खुदा की मर्जी का किसको अंदाजा है..
पर इतना ऐतबार है, कि ये जज्बात पाकिजा़ है..
Sagar Feb 9
क्या सितम है कि तुमसे नजरें भी न मिला पाए..

आंखें मिली नही और हमारी जान चली गयी..
Sagar Feb 9
वो सासें महकती हुई..

वो सिस्कीया चहकती हुई..

वो रातें बहकती हूई..

आज भी याद है मुझे..
Sagar Feb 9
तेहेलका लाए जहा जाए, कुदरत का वो कमाल है..

दिल थम जाए जिसे देखने से, वो हुस्न बेमिसाल है..

गुलाबी गाल हैं, घुंघराले बाल हैं, हमारा हाल बेहाल है..

कितनी बार मर सकते हैं, आज देखते खुद की मजाल है..
Sagar Feb 9
अमावस की रात लपेटे तुम जो खडी हो..

मानो मय के सुरुर सी मेरे सर चढी हो..

कयामत कयामत होती है, चाहे छोटी हो या बडी हो..

पटाखा लग रही हो तुम, सुतली बम हो या फुलझडी हो..
Sagar Feb 9
आज तुम मौत का फरमान लग रही हो..

हवादिस का सामान लग रही हो..

पिंजरा-ए-धडकन ताला-ए-जुबान लग रही हो..

बचूंगा कैसे, तुम तबाही का तुफान लग रही हो..
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