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तुम्हारे रूखेपन का सबक यह है
कि हमने भी छोड़ दिए वो रास्ते
जहां से तुम्हारी आहट नहीं आती है
बोल पपीहे के तभी सुहाने लगते हैं
जब चमन में बहार आती ‌है।
Mohan Sardarshahari
Written by
Mohan Sardarshahari  56/M/India
(56/M/India)   
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   SUDHANSHU KUMAR
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