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Jul 12
क्या कहें क्या दिल को चाहिए,
क्या इसको मिलता हैं।
कहाँ सुबह होती हैं,
कहाँ दिन ढलता हैं।
बिना उसकी मर्जी के,
क्या एक भी पत्ता हिलता हैं।
किस्मत पर कहाँ जनाब,
किसका ज़ोर चलता हैं।
- मेघा ठाकुर
Written by
Megha Thakur  25/F
(25/F)   
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