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Jun 29
तुम..... इस बारिश के मौसम सा हसीन हो जाते हो,
मैं …....चाय की चुस्कियों सी तरह तरोताजा हो जाती हूं,
तुम…... इस मिट्टी की खुशबू सा महक से जाते हो,
मैं.......तुम्हें देख कर फूलों की तरह खिल सा जाती हूं।
Written by
Kaushakee  F
(F)   
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