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May 19
बेवजह मुस्कुरा रहे हो सागर, कुछ तो वजह है..
क्या बताए मियाँ? ये इश्क, ताजा़ ताज़ा है..
अब खुदा की मर्जी का किसको अंदाजा है..
पर इतना ऐतबार है, कि ये जज्बात पाकिजा़ है..
Sagar
Written by
Sagar  24/M
(24/M)   
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