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May 2
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
कोरोना का अंधकार मिटाकर
एक नया सवेरा साथ लाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
लॉकडाउन हुआ है जबसे
कैद हो गए घर में तबसे
बिछड़ गए अपनों से सारे
कोरोना के कहर से हारे
ये हार का सिलसिला जल्द खत्म हो जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
बन्द हो गए धन्धे सारे
छूट गयी मज़दूरी
चाह कर भी न कमा पा रहे
हाय! कैसी मजबूरी
इस मजबूरी की दीवार गिरा
हर वर्ग काम पर जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
खुल जाएंगे रास्ते सारे
सब बंधन मुक्त हो जाएंगे
हरा के फिर कोरोना को
आज़ादी का दीप जलाएंगे
बिखर गई है अर्थव्यवस्था हमारी
उसको मजबूत बनाएंगे
बिगड़े हुए इन हालातों में
सारा देश एकजुट हो जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
करें प्रकृति को नमन आज हम
और करें ये वादा
न छेड़-छाड़ करें धरती से
न हो ऐसा इरादा
प्रकृति का साथ पाकर
हर आंगन खिल जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
सारा देश मुस्कुराएगा..

www.youtube.com/miniPOETRY


This country will smile again


When the whole country smiles
Erasing the darkness of corona
Will bring a new dawn
The day will come again
When the whole country smiles
Lockdown since
Imprisoned at home ever since
All the people who were separated
Lost from the havoc of corona
This necklace will end soon
The day will come again
When the whole country smiles
All closed down
Missed wages
Can't earn even after wanting
Oh! What helplessness
The wall of this helplessness fell
Every class will go to work
The day will come again
When the whole country smiles
Will open all the way
All ******* will be free
Beat the corona again
Light a lamp of freedom
Our economy is shattered
Make him stronger
In these circumstances
The whole country will be united
The day will come again
When the whole country smiles
Bow to nature, today we
And make this promise
Do not disturb the earth
No such intention
With the nature
Every courtyard will bloom
The day will come again
When the whole country smiles
The whole country will smile ..
Please...Stay home and stay safe
अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें।इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद करें।lockdow को पूरी तरह से फॉलो करें।
ये कविता एक उम्मीद है एक आशा का प्रतीक है इस निराश की घड़ी में,मुझे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही भारत और पूरा विश्व इस समस्या का समाधान खोज निकाले गा और सब कुछ पहले की तरह ठीक हो जाएगा।
जय हिंद जय भारत
Nandini yadav
Written by
Nandini yadav  26/F/India
(26/F/India)   
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