Submit your work, meet writers and drop the ads. Become a member
Mar 2019
रोसनी लगे फिका, जब हो तुम मेरे सामने ———२
झुठभी मानु सही जब हो तुम मेरे वाहोमे ———२

निगाहेँ मच्ले, अाँचल झुकाके
धड्कने उछ्ले, आवाज सुनाके
छुप्ता नही देरतक दिलकी अब ए बाँतेँ
कित्ना भोला, सुहाना हे चेहरा तुम्हारा

रोसनी लगे फिका, जब हो तुम मेरे सामने
पहेले, बहुत पहेले तुम, क्यूँ नमीले मुझे
तरासा हरजगा नमीले तुम सामने
हर खुबसुरती मिल्ता, कहाँ, मुफ्तमे
बनानेकोे लग्ता बक्त ज्यादा, कम लग्ता तोड्नेको  ——२
निगाहेँ मचले————
धढ्कने उछले————
छुप्ता नही—————
कित्ना भोला, सुहाना—————

इसी तरह तुम मुझे क्या देखती रहोगी रात भर  ——२
कम पढे तारिफेँँ तुम्हारी बस समझना प्यार हमारी
मेरी धढ्कन अब करेँ हर बक्त तारिफेँ तुम्हारी
साँस रुकिहो अब, बक्स् करो, जान हमारी
निगाहे मचले————
धढ्कने उछले——————
छुप्ता नही——————
कित्ना भोला सुहाना——————

रोसनी लगे फिका जब हो तुम मेरे सामने
झुठभी मानु सही जब हो तुम मेरे वाहोमे
Genre: Romantic  Gazal
Theme: Beloved || Enchantress || Angel
Mystic Ink Plus
Written by
Mystic Ink Plus  M/Nepal
(M/Nepal)   
493
 
Please log in to view and add comments on poems