जैसी तैसी ज़िन्दगी
यू हीं हैं कट रही
टेढ़ी-मेढ़ी राहो से
जैसे तैसे गुज़र रही
जहा सुख का फ्रूट मिले
जूस बनाके पी जाओ
किसे पता क्या होगा कल
इसी पल में जीवन जी जाओ
हार और जीत के संघर्ष में
सुख और दुख के जंगल से
इनके संगम से उत्पन्न जो नदी
उसी का नाम जिंदगी
Jun 30, 2022
Jun 30, 2022 at 11:38 AM UTC
