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-: माँ , तुझे जो याद करता हूँ ॥ :- तुझे जो याद करता हूँ माँ ?? मैं आँसू बहाता हूँ । जो तेरी याद आती है मैं खुद को भूल जाता हूँ ।। मैं बालक हूँ । तु समझी ना मैं कटी हो गया तुम से  । आंऊ जब भी HOSTEL मैं तो क्यूँ आँसू बहाती हो ।। वो पल जब याद आते है मैं कितना टूट जाता हूँ । रख PHOTO सीरहाने में मैं तुम से रूठ जाता हूँ ॥ मुझे भी पाता है की माँ तु मुझ से प्यार करती हैं । तभी तो तु अकेले मे रोया हर बार करती है ॥ मगर मै रो नही सकता , ये पापा ने बताया है । मै लड्का हूँ कटु ये शब्द मुझ को क्यों सीखया है ॥ घनी है रात HOSTEL में सुबह होने चला आया । समय अब 3:40 हैं मगर सूरज न सो नही पाया ॥ माँ… मैं आज भी रातो में भी बस आँसू बहाता हूँ । जो तेरी याद आती हैं मैं खुद को भुल जाता हूँ ॥ लेखक :- सूरज कुमार सिँह दिनांक :- 06 / 11 / 2013
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Aug 7, 2015
Aug 7, 2015 at 1:39 AM UTC
meri maa by suraj kumar singh
-: माँ , तुझे जो याद करता हूँ ॥ :- तुझे जो याद करता हूँ माँ ?? मैं आँसू बहाता हूँ । जो तेरी याद आती है मैं खुद को भूल जाता हूँ ।। मैं बालक हूँ । तु समझी ना मैं कटी हो गया तुम से  । आंऊ जब भी HOSTEL मैं तो क्यूँ आँसू बहाती हो ।। वो पल जब याद आते है मैं कितना टूट जाता हूँ । रख PHOTO सीरहाने में मैं तुम से रूठ जाता हूँ ॥ मुझे भी पाता है की माँ तु मुझ से प्यार करती हैं । तभी तो तु अकेले मे रोया हर बार करती है ॥ मगर मै रो नही सकता , ये पापा ने बताया है । मै लड्का हूँ कटु ये शब्द मुझ को क्यों सीखया है ॥ घनी है रात HOSTEL में सुबह होने चला आया । समय अब 3:40 हैं मगर सूरज न सो नही पाया ॥ माँ… मैं आज भी रातो में भी बस आँसू बहाता हूँ । जो तेरी याद आती हैं मैं खुद को भुल जाता हूँ ॥ लेखक :- सूरज कुमार सिँह दिनांक :- 06 / 11 / 2013
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Aug 7, 2015
Aug 7, 2015 at 1:39 AM UTC
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