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माना की अंधकार घना है दिप जलाना कहां मना है आओ किसी रोते को हंसाएं कम से कम एक दिप जलाएं क्या हुआ जो तमकी घनी है छाया सुरज समक्ष वो कभी न टीक पाया आओ निराश्रित में आशा जगाएं कम से कम एक दिप जलाएं ना बन सके व्यास चाणक्य जो हम मानव बन ही करें सेवा कम से कम आओ हर मन को निर्भय बनाएं कम से कम एक दिप जलाएं बाहरीतम  एक दिन हट जाएगा अंतरतम सोचो कैसे हट पाएगा आओ बुझी हुई बाती सुलगाएं कम से कम एक दिप जलाएं 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' का दें नारा 'सुरज' (भारत) है परछाई (अशिक्षा) से हारा आओ हर एक को शिक्षित बनाएं कम से कम एक दिप जलाएं
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Jul 27, 2020
Jul 27, 2020 at 10:22 AM UTC
तमसो मा ज्योतिर्गमय
माना की अंधकार घना है दिप जलाना कहां मना है आओ किसी रोते को हंसाएं कम से कम एक दिप जलाएं क्या हुआ जो तमकी घनी है छाया सुरज समक्ष वो कभी न टीक पाया आओ निराश्रित में आशा जगाएं कम से कम एक दिप जलाएं ना बन सके व्यास चाणक्य जो हम मानव बन ही करें सेवा कम से कम आओ हर मन को निर्भय बनाएं कम से कम एक दिप जलाएं बाहरीतम  एक दिन हट जाएगा अंतरतम सोचो कैसे हट पाएगा आओ बुझी हुई बाती सुलगाएं कम से कम एक दिप जलाएं 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' का दें नारा 'सुरज' (भारत) है परछाई (अशिक्षा) से हारा आओ हर एक को शिक्षित बनाएं कम से कम एक दिप जलाएं
raj-jairaj
Written by
25/M/Akola
Jul 27, 2020
Jul 27, 2020 at 10:22 AM UTC
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