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निकला था मैं साहिल की खोज में , पता नहीं कब लहरों से दोस्ती कर बैठा अब लगता नहीं डर ज़िन्दगी से, क्योंकि तूफ़ानो से मुहब्बत सी हो गई है मुझे।   ~तानिया मिश्रा
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Oct 18, 2018
Oct 18, 2018 at 5:20 AM UTC
जीवन
निकला था मैं साहिल की खोज में , पता नहीं कब लहरों से दोस्ती कर बैठा अब लगता नहीं डर ज़िन्दगी से, क्योंकि तूफ़ानो से मुहब्बत सी हो गई है मुझे।   ~तानिया मिश्रा
Written by
22/F/India
Oct 18, 2018
Oct 18, 2018 at 5:20 AM UTC
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