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सर को कभी ना जो झुकने दे मान को जो ना गीरने दे हर उलझनो को जो सुलझा दे हर मुसीबतो से जो डट कर लड़े हा सायद पुरी तरह ना जीते पर सच का साथ कभी ना छुटे खुद के सोच से बस वो आगे बढ़े ओरो को यह अभिमान है लगे पर सर पर सजा ताज यह बने जीसे स्वाभिमान हम कहे वो स्वाभिमान जो नाहि कभी सर को झुकने दे ना ईरादो को तुतने दे नाही कभी कदम है दगमगाए सच्चाई की राह जो हम अपनाए वो हि तो स्वाभिमान हे कहलाए और वही हमारी पहचान है बन जाए|
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Sep 7, 2021
Sep 7, 2021 at 1:36 PM UTC
स्वाभिमान
सर को कभी ना जो झुकने दे मान को जो ना गीरने दे हर उलझनो को जो सुलझा दे हर मुसीबतो से जो डट कर लड़े हा सायद पुरी तरह ना जीते पर सच का साथ कभी ना छुटे खुद के सोच से बस वो आगे बढ़े ओरो को यह अभिमान है लगे पर सर पर सजा ताज यह बने जीसे स्वाभिमान हम कहे वो स्वाभिमान जो नाहि कभी सर को झुकने दे ना ईरादो को तुतने दे नाही कभी कदम है दगमगाए सच्चाई की राह जो हम अपनाए वो हि तो स्वाभिमान हे कहलाए और वही हमारी पहचान है बन जाए|
akta-agarwal
Written by
25/F/Kolkata
Sep 7, 2021
Sep 7, 2021 at 1:36 PM UTC
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