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कौन है तू ?क्यूँ है तू आया ? पर अब मेरी समझ में है ये आया । तू है उस अल्लाह का फरिश्ता, और डालने मेरी झोली, उसकी रहमत तू आया । उसकी रहमत से अब ये दिल बागबान हो गया , जो था सब डर अब वो नाशवान हो गया । फरिश्ते अब जाने का तेरा वक़्त है आया , इस दिल से उस खुदा का शुक्रिया , जो तू इस बेजान में प्यार की आवाज़ भर गया ।
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Apr 30, 2018
Apr 30, 2018 at 7:42 AM UTC
फ़रिश्ता
कौन है तू ?क्यूँ है तू आया ? पर अब मेरी समझ में है ये आया । तू है उस अल्लाह का फरिश्ता, और डालने मेरी झोली, उसकी रहमत तू आया । उसकी रहमत से अब ये दिल बागबान हो गया , जो था सब डर अब वो नाशवान हो गया । फरिश्ते अब जाने का तेरा वक़्त है आया , इस दिल से उस खुदा का शुक्रिया , जो तू इस बेजान में प्यार की आवाज़ भर गया ।
Written by
24/F/Delhi
Apr 30, 2018
Apr 30, 2018 at 7:42 AM UTC
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