ख्वाहिश नहीं मुझे बहुत मशहूर होने की
आप पेहचानते हो बस इतना ही काफी है ।
अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे
क्यों की जिसकी जितनी जरूरत थी
उसने उतना ही पहचाना मुझे..।
मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीका
चुपचाप से बहना व अपनी मौज मे रेहना !
Apr 16, 2018
Apr 16, 2018 at 1:30 PM UTC
ख्वाहिश नहीं मुझे बहुत मशहूर होने की
आप पेहचानते हो बस इतना ही काफी है ।
अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे
क्यों की जिसकी जितनी जरूरत थी
उसने उतना ही पहचाना मुझे..।
मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीका
चुपचाप से बहना व अपनी मौज मे रेहना !
