मॉं तू जलती गर्मी के बाद
सावन की पहली बारिश जैसा एहसास हैं।
मॉं तू कुडकुडाती ठण्ड में
सूरज की मीठी धूप जैसा एहसास हैं।
मॉं तू बारिश के दिनों में
इंद्रधनुष जैसी मुस्कान हैं।
माँ तू आरज़ू तू ही मेरा गूरुर हैं,
भला बिना तेरे मेरा क्या वजूद हैं?
~ तानिया मिश्रा
Sep 9, 2019
Sep 9, 2019 at 11:24 AM UTC
मॉं तू जलती गर्मी के बाद
सावन की पहली बारिश जैसा एहसास हैं।
मॉं तू कुडकुडाती ठण्ड में
सूरज की मीठी धूप जैसा एहसास हैं।
मॉं तू बारिश के दिनों में
इंद्रधनुष जैसी मुस्कान हैं।
माँ तू आरज़ू तू ही मेरा गूरुर हैं,
भला बिना तेरे मेरा क्या वजूद हैं?
~ तानिया मिश्रा