मेरी ज़िन्दगी थी रात सी काली,
तुम आए रोशनी बनके सहारा।
तुम्हारी मुस्कान, इतनी नर्म और प्यारी,
दिल में उतरी खुशियों की लहर सारी।
तुम्हारे नथनों की चमक,
मिटा दी दिल के सारे अंधेरे यार।
तुम्हारी आवाज़, मीठी और नर्म,
हर ख़ामोशी को भर गई गीतों की दिलकशी।
Oct 14, 2025
Oct 14, 2025 at 1:11 PM UTC
मेरी ज़िन्दगी थी रात सी काली,
तुम आए रोशनी बनके सहारा।
तुम्हारी मुस्कान, इतनी नर्म और प्यारी,
दिल में उतरी खुशियों की लहर सारी।
तुम्हारे नथनों की चमक,
मिटा दी दिल के सारे अंधेरे यार।
तुम्हारी आवाज़, मीठी और नर्म,
हर ख़ामोशी को भर गई गीतों की दिलकशी।
