बिखरे बिखरे से कुछ अल्फाज हैं
टूटे टूटे से कुछ ख़्वाब हैं
अंतरमन अब बेचैन सा हैं
हुए ख़्वाब आहत से हैं
दिल में लगा घाव सा हैं
बिखरे बिखरे से कुछ अल्फाज हैं
टूटे टूटे से कुछ ख़्वाब हैं
संघर्ष करना बना मुस्किल सा हैं
आसान राह की तलाश भी ना खतम होता सा हैं
डरा डरा सा अब मन रहता हैं
होटों की हसीं भी अब कही छुपा सा हैं
कहीं गम के सागर है
तो कही सुख के लहर हैं
किसी के सपने हुए राख से हैं
तो किसी ने नई सपनों की छवि बनाई हैं
सुन के बात यह नई दिल में आई कोई आश सी हैं
बिखरे अल्फाजो के सागर कोई
नए सपने बुनने के कोई ख़्वाब से हैं
Apr 7, 2021
Apr 7, 2021 at 1:38 PM UTC
बिखरे बिखरे से कुछ अल्फाज हैं
टूटे टूटे से कुछ ख़्वाब हैं
अंतरमन अब बेचैन सा हैं
हुए ख़्वाब आहत से हैं
दिल में लगा घाव सा हैं
बिखरे बिखरे से कुछ अल्फाज हैं
टूटे टूटे से कुछ ख़्वाब हैं
संघर्ष करना बना मुस्किल सा हैं
आसान राह की तलाश भी ना खतम होता सा हैं
डरा डरा सा अब मन रहता हैं
होटों की हसीं भी अब कही छुपा सा हैं
कहीं गम के सागर है
तो कही सुख के लहर हैं
किसी के सपने हुए राख से हैं
तो किसी ने नई सपनों की छवि बनाई हैं
सुन के बात यह नई दिल में आई कोई आश सी हैं
बिखरे अल्फाजो के सागर कोई
नए सपने बुनने के कोई ख़्वाब से हैं
Khwab bikhre s
