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कल अचानक राष्ट्र जीतते जीतते हार गया। गाय भक्त देश कसाई से कट गया। तृतीय पक्ष बन्दर कलन्दर बिल्लियों के हिस्से की रोटी को छीनने का जुगाड़ कर गया। साधन सम्पन्न देश खुद को विपन्न सिद्ध कर गया। कल कोई बुद्धू के सुख को हड़प कर गया। उसे लाचार कर गया। ११/०५/२०२५.
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May 11, 2025
May 11, 2025 at 3:31 AM UTC
राष्ट्र की हार
कल अचानक राष्ट्र जीतते जीतते हार गया। गाय भक्त देश कसाई से कट गया। तृतीय पक्ष बन्दर कलन्दर बिल्लियों के हिस्से की रोटी को छीनने का जुगाड़ कर गया। साधन सम्पन्न देश खुद को विपन्न सिद्ध कर गया। कल कोई बुद्धू के सुख को हड़प कर गया। उसे लाचार कर गया। ११/०५/२०२५.
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May 11, 2025
May 11, 2025 at 3:31 AM UTC
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