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Tannu kumari Aug 10
||   चाहत    ||

मुझे चाहत नहीं तुझे छोड़ के जाने की,
पर तु समझता नहीं, हद हो चुकी हैं मेरे रोने की।
हर बात पर कहता हैं, इतनी छोटी सी तो बात हैं,
बात अगर छोटी ही हैं, तो मुझे बताता क्यु नहीं।
अगर मुझसे प्यार हैं, तो फ़िर जताता क्यु नहीं।
तेरे लिए तो तेरी आजादी ही प्यारी हैं,
पर तु क्यु नही समझता, प्यार कोई हथकड़ी तो नहीं।
प्यार हो तो एक चाहत होती हैं, दिल से निभाने की।
पर सायद तुझे मुझसे मोहबत ही नहीं,
इसीलिए तो जरूरत पड़ती हैं तुझे इन सब बहाने की।
तु मुझे छोड़ना चाहता हैं, तो छोड़ दे,
पर मुझे चाहत ही नहीं, तुझे छोड़ के जाने की।।
                                                    ~Tannu.
Tannu kumari Aug 10
||      कौन कहता हैं?     ||

कौन कहता है, भगवान आते नहीं ?
हम मीरा के भाँति बुलाते नहीं।
कौन कहता है,सचा प्रेम होता नहीं ?
हम श्री कृष्ण की भाँति चाहते नहीं।
कौन कहता है, ममता पूजा नहीं ?
हम श्री राम की भाँति पूजते नहीं।
कौन कहता है, माता- पिता भगवान नहीं ?
हम श्रवण कुमार की भाँति कस्ट करते नहीं।
कौन कहता है, पिता परमेश्वर नहीं ?
हम लव- कूश की भाँति उनके चरणो मे सोते नहीं।
कौन कहता है, सच्चे मित्र बनते नहीं ?
हम कान्हा के भाँति निभाते नहीं।
कौन कहता है, भाभी माँ नहीं ?
हम लक्ष्मन की भाँति मानते नहीं।
कौन कहता है, बेटी अभिमान नहीं ?
हम सीता की भाँति त्याग करते नहीं।
कौन कहता है, संसार में सुख नहीं ?
हम सुदामा की भाँति जिते नहीं।।
                                   ~Tannu.
Tannu kumari Aug 10
||    तुम हो, तुम ही रहोगे    ||

क्या रखा है इस जमाने में,
दिखते तो तुम्ही हो मुझे हर कोने में।
जानती हु जिंदगी अभी बहुत लंबी हैं मेरी,
पर ज़िंदा कहा हु तेरे सीने में।
एक तुम हों, जो दुनिया हो मेरी,
एक मैं हु, जिसे दफ़ना रखा हैं तुमने दिल के किसी कोने में।
चलो मैं दुनिया न सही तेरी, पर तूने मुझे दिल में जगह तो दी,
क्या फरक पड़ता हैं, मुझे मिटा कर ही सही।
मुझे नाज़ हैं, मैं तेरे जिंदगी में न सही, तेरी यादों में तो शामिल हु।
और क्या चाहिए मुझे,
अब रह लुंगी तेरे जिंदगी मे न सही, तेरी यादों में ही।
तु नहीं मिटा सकता इसे चाह कर भी।
वैसे भी मेरे लिए रखा क्या हैं, इस जमाने में।
दिखते तो तुम्ही रहोगे मुझे हर कोने में।  
                                              ~Tannu
Tannu kumari Aug 10
UMMEED


Sach kahu to tabaah hu mai,
Tere jane ke baad khush kaha hu mai.

Arso ** gye tujhe chod ke gaye,
Fir bhi usi jagah ruka hu mai.

Tere laut aane ki ummeed mere aage badh jane se aachi hai,
Par tu nhi smjhegi ye baat tu to abhi bachi   hai .

Tu nahi aayegi ye khayal hi bahut darata hai,
Par tu jarur aayegi ye khayal dil me dugni ummeed jagata hai.

Kaash ke koi karishma ** jaye,
Tera mera milan iss martaba ** jaye.

Tu aaye mere jiwan me khushiyon ki saugaato ki tarah,
Or jo gira tha meri ummeedo ka mahal firse wo ek martaba khada ** jaye

Kaash ke koi karishma ** jaye.
                                              ~Tannu.
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— The End —