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bendee
हाथों में हाथ डाले नहीं चलते, पर हर कदम पर तू साथ होता है। तारों जैसी दूरी पर भी, सूरज जैसा साथ होता है। एक ही नदी, एक ही नाव, दोनों के अलग-अलग किनारे। तेरे किनारे कोई छाँव में खड़ा है, मेरा किनारा अभी दूर है। तेरे लिए दुनिया से तो लड़ लूँ, पर अपने से हारने का डर है। तेरे आगे तो झुक जाऊँगा, पर तेरे लिए झुकने की हिम्मत नहीं। इस रिश्ते पे लगे कितने ही नाम, कुछ ने अपमान किया, कुछ ने बदनाम। पर इसे ना मुझे समझना, ना दुनिया को समझाना।
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Dec 5, 2025
Dec 5, 2025 at 10:02 AM UTC
अधूरी कहानी